क्यों रोती नहीं बेटियां
क्यों रोती नहीं बेटियां ,जब जाती हैं पढ़ने को,अपने माँ-बाप से दूर,दूर देश, दूर का आकाश, दूर का संसार,कितने भी साल के लिए, अपने घर से दूर। बस बिछोह और दिल भारी-सा होता है उनका,पर रोती नहीं जार-जार वे,चीखती भी नहीं अपने पिता के गले लगकर,काँपती नहीं अपने बड़े भाई…








